खाते से पैसा गलत तरीके से कटा? 3 दिन के अंदर बताया तो देनदारी शून्य
RBI के ग्राहक संरक्षण नियम के मुताबिक अगर धोखाधड़ी में आपकी कोई लापरवाही नहीं है और आपने 3 कार्यदिवस के अंदर बैंक को सूचित कर दिया, तो नुकसान आपका नहीं है।
नियम क्या कहता है
अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन (कार्ड, नेट बैंकिंग, UPI) में ग्राहक की देनदारी RBI ने सीमित कर रखी है:
- गलती बैंक/सिस्टम की है, या थर्ड पार्टी की चूक है और ग्राहक की नहीं — तो सूचना 3 कार्यदिवस के अंदर देने पर ग्राहक की देनदारी शून्य।
- 4 से 7 कार्यदिवस के बीच सूचना दी — तो खाते के प्रकार के हिसाब से एक सीमित रकम तक देनदारी बनती है।
- देर से बताया — तो बैंक की बोर्ड-अनुमोदित नीति लागू होगी।
- ग्राहक ने खुद OTP/PIN/पासवर्ड साझा किया — तो रिपोर्ट करने तक का नुकसान ग्राहक का।
सीधा मतलब
घड़ी उसी मिनट से चलती है जब मैसेज आपके फ़ोन पर आया। "सुबह देखेंगे" सबसे महँगा फ़ैसला है।
अभी क्या करें
- बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कीजिए और शिकायत नंबर लिखकर रखिए।
- कार्ड/नेट बैंकिंग ब्लॉक कराइए।
- 1930 पर साइबर शिकायत भी दर्ज कीजिए — दोनों अलग-अलग रास्ते हैं।
- बैंक 90 दिन में निपटारा न करे तो RBI Ombudsman (CMS पोर्टल) पर जाइए।